गलती से लेन-देन! !
गलती से लेन-देन!
मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती जीतेन्द्र । विभोर होते हुए प्रीति ने कहा
पर मैं जीतेन्द्र नहीं राकेश हूं। राकेश ने बताया।
डॉर्लिंग! मैं भूल गई थी कि आज रविवार नहीं, सोमवार है। प्रीति ने स्पष्ट किया।
क्या कहा? आज सोमवार है। अरे बाप रे बाप! तुमने पहले क्यों नहीं बताया कि सोमवार है। अब मैं फौरन चलता हूं। पता नहीं सुनीता, कितनी गालियां दे रही होगी। राकेश ने बताया।
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