ज्योतिष से जानिए राशियों से सम्बन्धित ग्रहों एवं उनकी की शांति के सरल उपाय
नौ ग्रहों की शांति के उपाय लाल किताब में दिए गए हैं, उनका वर्णन इस प्रकार है
सिंह राशि
(सूर्य)-हरिवंश पुराण का पाठ करें। गेहूँ, गुड़ और तांबा धर्म-स्थान में दें। रात में चूल्हे की आग दूध से बुझाएं तथा किसी भी शुभ कार्य को करते वक्त या कहीं जाते वक्त पहले मुंह मीठा करें।
कर्क राशि
(चन्द्र)-चांदी का टुकड़ा नदी में डालें। मोती पहनें और चावल व चांदी अपने पास में रखें। रात्रि के वक्त दूध पिएं और सुबह के वक्त दूध का दान करें, लेकिन दूध बेचना नुकसानदेह साबित होगा। रात को सिरहाने दूध का गिलास रखकर सोएं और सुबह उसे क्यारी में गिरा दें। कुएं का जल लाकर घर में कायम करें।
मेष-वृश्चिक राशि
(मंगल)-तन्दूर की मीठी रोटी और मसूर की दाल धर्म-स्थान में दें। सम्भव हो तो मृगछाला का भी दान करें और मूंगा पहनें, किसी पवित्र नदी या नहर में रेवड़ी और बंताशे प्रवाहित करें। हनुमानजी की पूजा और उपासना करें तथा हनुमान मन्दिर में जाकर बूंदी या लड्डू का प्रसाद चढ़ाकर वितरण करें। इसी के साथ हनुमान बाहुक या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मिथुन एवं कन्या राशि
(बुध)-देवी दुर्गा की उपासना करें। आग में कौड़ियां जलाकर दरिया में प्रवाहित करें। फिटकरी से दांत साफ करें। कनिष्ठिका उंगली में पन्ना रत्न पहनें और चांदी के सिक्के में सराख करके नदी में डालें। कद्दू (सीताफल) और बकरी का दान करें और छोटी कन्याओं के पैरों को पूजें।
धनु और मीन राशि
(बृहस्पति)-हरिवंश पुराण को सुनें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। केसर का तिलक करें और नाभि पर लगाएं। सोना, हल्दी, पीले फूल, चने की दाल मन्दिर में दें। अपने हाथों से पेड़ लगाकर रोज उसकी पूजा किया करें।
वृष और तुल राशि
(शुक्र)-गरीब और बेसहारा लोगों को सूखी सब्जी और रोटी खिलाकर और दान देकर विदा करें। अपने भोजन का एक हिस्सा निकालकर गाय को खिलाएं। सम्भव हो तो गोदान करें। दूध, दही, घी, कपूर, सफेद फूल, सफेद मोती और चरी को धर्म-स्थान में दें। बेवा औरतों की मदद करें। देवी लक्ष्मी का श्रद्धापूर्वक पूजन करें और आरती उतारकर भोग लगाएं।
मकर एवं कुम्भ राशि
(शनि)-भगवान् शंकर के शिव महिमा स्तोत्र का पाठ तथा उपासना करें। कौए को रोटी खिलाएं। काले साबुत उड़द, तवा, चकला-बेलन, चिमटा, लोहा, तिल का तेल व शराब का दान करें। आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं।
कन्या राशि
(बुध)-राहु-केतु दोनों छाया ग्रह हैं, अतः ये किसी पृथक राशि के स्वामी नहीं हैं। फिर भी ज्योतिषों ने राहु को कन्या राशि और केतु को मिथुन राशि का स्वामी माना है। सरसों तथा नीलम रत्न दान करें। दरिया में कोयला प्रवाहित करें। खोटा सिक्का पानी में डालें। गणेश की पूजा करें। कुत्ते को खिलाएं। चितकबरे रंग का कम्बल धर्म-स्थान में दें। गणेशजी का स्मरण एवं पूजन करें।
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